जिस स्टेडियम में पहली बार दिखी थी वैभव सूर्यवंशी की चमक, अब वहां बनेगा हाईटेक क्रिकेट हब
पटना का ऐतिहासिक मोईनुल हक स्टेडियम एक बार फिर चर्चा में है. कभी फुटबॉल मैदान के रूप में पहचान रखने वाला यह स्टेडियम अब आधुनिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कॉम्प्लेक्स के रूप में तैयार किया जा रहा है. इसी मैदान पर कपिल देव, सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने खेला था
पटना का ऐतिहासिक मोईनुल हक स्टेडियम एक बार फिर चर्चा में है. कभी फुटबॉल मैदान के रूप में पहचान रखने वाला यह स्टेडियम अब आधुनिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कॉम्प्लेक्स के रूप में तैयार किया जा रहा है. इसी मैदान पर कपिल देव, सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने खेला था. आज के दौर के सबसे बड़े सुपरस्टार वैभव सूर्यवंशी ने भी अपने रणजी का डेब्यू का मैच इसी मैदान पर खेला था. अब यहां नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान मिलेगी. राजेंद्रनगर स्थित इस स्टेडियम का नाम बिहार के प्रसिद्ध खेल व्यक्तित्व मोईनुल हक के नाम पर रखा गया था. 1996 वर्ल्ड कप से पहले यहां नया पवेलियन बनाया गया था.
इस मैदान पर भारत-वेस्टइंडीज महिला मैच, हीरो कप और वर्ल्ड कप जैसे बड़े मुकाबले खेले जा चुके हैं. मोईनुल हक स्टेडियम उस समय भी चर्चा में आया था, जब 1996 वर्ल्ड कप के दौरान बारिश के बाद मैदान सुखाने के लिए हेलीकॉप्टर उड़ाया गया था. यह घटना आज भी क्रिकेट इतिहास के सबसे अनोखे किस्सों में गिनी जाती है. बिहार क्रिकेट की मान्यता खत्म होने के बाद स्टेडियम की हालत खराब हो गई थी. लेकिन अब सरकार इसे नए रूप में तैयार कर रही है. यहां 40 हजार दर्शकों की क्षमता वाला आधुनिक मैदान, प्रैक्टिस ग्राउंड, जिम, स्विमिंग पूल और हाईटेक सुविधाएं बनाई जाएंगी. उम्मीद है कि भविष्य में यहां आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेले जाएंगे.
मोइन-उल-हक स्टेडियम, जिसे पहले डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्टेडियम के नाम से जाना जाता था , राजेंद्र नगर , पटना , बिहार , भारत में स्थित है । इस बहुउद्देशीय स्टेडियम में तीन एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (ओडी) मैच खेले जा चुके हैं, जिनमें 1996 क्रिकेट विश्व कप का एक मैच भी शामिल है । स्टेडियम की क्षमता 25,000 लोगों की है। इसका उपयोग क्रिकेट और एसोसिएशन फुटबॉल के लिए किया जाता है । यह बिहार रणजी टीम का घरेलू मैदान है। सरकार ने स्टेडियम के विकास का प्रस्ताव रखा है, जिससे इसकी बैठने की क्षमता बढ़ाकर 42,500 की जा सकेगी। इसका रखरखाव बिहार क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा किया जाता है। बिहार रणजी टीम ने वर्तमान में इस मैदान पर कई रणजी मैच खेले हैं। इसका नाम भारतीय खेल प्रशासक और पटना कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य सैयद मोहम्मद मोइन-उल-हक के नाम पर रखा गया है । [ 1 ]